Best MAHADEV SHYARI – Lord Shiva Shayari

MAHADEV SHYARI

महाकाल मेरा भी भाग जग जाएगा गर में तेरे दरबार का हिस्सा बन जाऊंगा

मुक्ति मिल जाएगी मुझे भी गर में तेरी भस्म आरती का किस्सा बन जाऊंगा


है शामिल मेरा महादेव हर किसी की कहानी में किसी के लफ्जों में

तो किसी की आंखों से बहते हुए पानी में.


कितने ही अकलमंद मिलते हैं काम के लोग बहुत कम मिलते हैं,

जब आती है कोई परेशानी तो मेरे महादेव के सिवा सभी के दरवाजे बंद मिलते हैं.


महाकाल की अदालत में वकालत नहीं होती,

और यदि हो जाए सजा तो फिर जमानत नहीं होती.


सबसे बड़ा तेरा दरबार है तू ही सबका पालनहार है,

सजा दे या दे माफी यह दीवाना कहता है तू ही हमारी सरकार है.


दुनिया पर अगर करेगा भरोसा धोखे ही तू खायेगा,

करके तो देख मेरे महाकाल पर भरोसा तेरा नाम अमर हो जाएगा.


मेरा महाकाल कहता है कभी घमंड आए तो एक चक्कर,

शमशान का लगा आना तुमसे बेहतरीन लोग तो वहां राख हुए पड़े हैं.


हम महाकाल के लाल हैं जो कालों के भी काल हैं,

अगर किसी पे ये खुश हो जाएँ कर देते मालामाल हैं


बड़े से भी बड़ा तूफान अपना रुख मोड़ लेता है

जब महादेव का भक्त हर हर बोल देता है.


करते हैं राजनीति वह जिन्हें वोट चाहिए करेंगे हम तो भैया,

महाकाल की भक्ति क्योंकि हमें महाकाल का सपोर्ट चाहिए.


साहब घड़ी ठीक करने वाले तो बहुत मिल जाएंगे,

लेकिन समय ठीक करने वाला तो मेरा महाकाल ही है.


कौन कहता है मेरी भक्ति व्यर्थ हो गई,

जब जब मैं रोया मेरे भोलेनाथ को खबर हो गई .


कितने ही जाने लोग मिले इस दुनिया के मेले में,

एक तेरा ही नाम याद आया महाकाल जब बैठा मैं अकेले में.


महाकाल लिखा है डॉक्टर ने हाथ पर तुम्हारा नाम

और यह भी कहा है की लेना सुबह दोपहर शाम.


पूछा जो किसी ने हमसे काम क्या करते हो जो हर काम हो जाता है

हमने भी हंसकर कहा महाकाल की पूजा.


मैंने रोते हुए एक दिन महाकाल से पूछा मेरे साथ कुछ भी हो जाए तू कभी नहीं आता

तब महाकाल ने कहा मैं हर रूप में आता हूं मुझे ढूंढ मत पहचान.


दिल के आईने को जो साफ़ किया तो उसमें मैं नजर आया

जब मैं को साफ किया तो मुझमें महाकाल नजर आया.


घमंड क्यों करता है अपने इस ठाट-बाट पर

मुट्ठी भर राख में मिल जाएगा जब पहुंचेगा मुर्दे घाट पर


तुमसे एक अर्जी है महादेव…

वक्त मेरा हो ना हो मैं हर वक्त तेरा रहूँ


आ महाकाल आज बटवारा कर ही लें सारी दुनिया तेरी और तू मेरा


ए शराब इतना गुमान ना कर अपने नशे पर,

तुझसे ज्यादा नशीली मेरे भोलेनाथ की आंखें हैं.


डूबता-डूबता वो तैर गये जिन्हें खुद पर गुमान था,

और वह डूबते डूबते भी तैर गए जिन पर महाकाल मेहरबान था.


महाकाल के फैसले पर क्यों करते हो शिकवे गिले,

सजा मिल रही है तो गुनाह भी जरूर किए होंगे.


पूछते हैं कुछ लोग मुझसे सब कुछ छोड़ दिया तुमने महाकाल के लिए,

अब इन लोगों को कौन समझाए सब कुछ है महाकाल मेरे लिए.


कोई शरीर से दुखी, कोई मन से दुखी, कोई पैसे बिना रहे उदास,

थोड़े थोड़े सब दुखी बस सुखी है शिव के दास.


रख यकीन बदल देगा तेरे हाथों की लकीरों को,

शहंशाह बनते देखा है महाकाल के दर के फकीरों को.


अकड़ मैं नहीं जकड़ में हूं छिनोगे कैसे महाकाल की पकड़ में हूं.


भोला एक नजर देख ले तो सरताज बना देता है,

और जरा सी नजर फेर ले तो मोहताज बना देता है.


होठों पे हँसी आंखों में तूफ़ान यही है शिवभक्त की पहचान.

सारे रिश्तो की असलियत दिखा कर, मेरे महादेव ने मुझसे पूछा”

बता कौन है यहाँ तेरा सिवा मेरे.


होता भक्तों का पूरा हर सवाल देखा,

भोले तेरे दर का ये कमाल देखा.


में तो कुछ भी नहीं भोले तू तो सार है मेरी कहानी का.

तेरा वजूद तो समुन्दर से भी गहरा है में तो बस कतरा हूँ पानी का.


दुनिया क्या अपनी भी हस्ती भुला बैठे हैं हम,

जब से महाकाल से दिल लगा बैठे हैं हम.


महादेव सबके लिए तू रब है, मेरे लिए रब ही नहीं मेरा सब है.


मेरे महाकाल..

तेरा ही बसेरा है मेरे दिल के आशियाने में

तेरे सिवा कौन रह सकता है इस गरीबखाने में


सुना है दो चीजें मशहूर है भोले इस जहां में,

एक तेरा भोलापन, और एक मेरा तेरे लिए दीवानापन.


फ़ोन के फोल्डर में इकट्ठा की है तस्वीर तेरी,

इसके अलावा और कोई खास जायदाद नहीं है मेरी.


मुश्किलें लाख घेर ले मुझे पर मै ना कभी घबराऊंगा,

तेरे एक एहसास होने मात्र से महाकाल मैं हर जंग जीत जाऊंगा.


चोट लगने से पहले मरहम का इंतजाम हो जाता है,

यह महादेव का दरबार है प्यारे यहां पलक झपकते ही कमाल हो जाता है.


लगे आग ऐसी जवानी को जिसमें महाकाल की दीवानगी ना हो


ओ जन्नत अपनी औकात में रहना हम तेरे रहम-ओ -करम के मोहताज नहीं,

हम गुरु भोलेनाथ के चरणों के वासी हैं वहां तेरी भी कोई औकात नहीं!